सिसवा-खड्डा मार्ग पर गुरली के पास 22 अक्टूबर की देर शाम व्यवसायी लूट कांड में पुलिस ने असली अपराधियों को बचाते हुए फर्जी ढंग से मामले का खुलासा किया है। यह आरोप लूट कांड के पीड़ित रवि कुमार अग्रवाल ने लगाते हुए उच्चाधिकारियों से पूरे मामले में पुनः विवेचना की मांग की है, इस मामले को लेकर पीड़ित के आवास पर व्यापारियों की एक बैठक भी हुई।

 

सिसवा-खड्डा मार्ग पर गुरली के पास 22 अक्टूबर की देर शाम व्यवसायी लूट कांड में पुलिस ने असली अपराधियों को बचाते हुए फर्जी ढंग से मामले का खुलासा किया है।

बैठक में पीड़ित रवि कुमार अग्रवाल ने उपस्थित व्यापारियों को पुलिस के उच्चाधिकारियों को भेजे पत्र की प्रति भी उपलब्ध करायी। उन्होंने अधिकारियों को भेजे पत्र में लिखा है कि 22 अक्टूबर की देर शाम 7:15 बजे दो मोटरसाइकिल जिस पर तीन तीन व्यक्ति सवार थे मेरे पिकअप गाड़ी को ओवरटेक कर रोकवा वसूली किए गए रुपयों को मारपीट कर व बंदूक दिखाकर लूट लिया। इस मामले में कोठीभार पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 372/17 अंतर्गत धारा 394 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने लिखा है कि पिक अप का ड्राइवर इस लूटकांड में सम्मिलित है और उसके मोबाइल नंबर का पिछले एक माह का डाटा निकाल लिया जाए तोआईने की तरह साफ हो जाएगा कि इसके साथ कौन कौन और शामिल थे, क्योंकि ड्राइवर सुनसान जगह पर धीमी गति से गाड़ी को चला रहा था और डिपर देने पर गाड़ी को रोक दिया। ड्राइवर खुद ही सिसवा के कुछ लोगों को मिल कर लूट को अंजाम दिया गया।
उन्होंने लिखा है कि कोठीभार पुलिस द्वारा जब ड्राइवर से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने स्वयं घटना में शामिल होने को साथ ही सिसवा नगर के दो लोगों के नाम का खुलासा किया और खुद मुखबिरी करने की बात स्वीकारी। घटना के 1 दिन बाद हमें पुलिस द्वारा आश्वासन दिया गया कि आपका रुपया सुरक्षित है, पूरा रुपया बरामद हो जाएगा और जल्दी खुलासा होगा लेकिन 30 अक्टूबर को पुलिस द्वारा फर्जी व गलत व्यक्तियों को घटना में शामिल कर ₹25000 की बरामदगी दिखाते हुए जेल भेज दिया गया और असली मुलजिमों को बचा लिया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि लूट कांड में शामिल बदमाशों की हमसे शिनाख्त भी नही कराई गई और न ही बाइक ही बरामद की गई। इस लूट कांड की सही ढंग से जांच कर असली अपराधियों को ही जेल भेजा जाए।

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