53 भोजपुरी फिल्मों के लिए गीत संगीत लिख चुके लिरिक्स राइटर और म्यूजिक डाइरेक्टर मुन्ना दुबे की तमन्ना ए आर रहमान के साथ काम करने की है। वे कहते हैं कि भोजपुरी एक समृद्धशाली भाषा है। लेकिन वक़्त के साथ जो कुछ गलत चीजें आयीं हैं, उनसे इसको बचाना होगा। मुन्ना दुबे ने इसके साथ ही अपने करियर को लेकर भी कई बातें हमसे साझा की। पेश है उनसे बातचीत के कुछ अंश –

संगीतकार मुन्ना दुबे को मिलती है बॉलीवुड के पुराने सिंगरों से प्रेरणा

सवाल : फिल्मों की तरफ आना कैसे हुआ ?

मुन्ना दुबे : मैं बक्सर, नियाजीपुर का रहने वाला हूँ। फिल्मों में आने का शौक बचपन से रहा है। गाना लिखता था। आज म्यूजिक डायरेक्शन कर रहा हूँ। इससे पहले मैंने 1996 में खड़गपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी की।

सवाल : म्यूजिक में आपको प्रेरणा कहाँ से मिलती है?

मुन्ना दुबे : मैं बॉलीवुड के अच्छे – अच्छे सिंगरों से प्रेरणा लेता रहा हूँ। उसमें मुकेश जी से ज्यादा प्रेरित रहा। उनके गाने सुनते – सुनते लिखने लगा औऱ आज म्यूजिक डायरेक्शन के क्षेत्र में काम कर रहा हूँ। इसमें मुझे मेरे माता – पिता के साथ दोस्तों और अन्य लोगों का बेहद साथ मिला, जिसकी बदौलत आज मैंने 800 से अधिक गाने लिखे। 53 फ़िल्मों में गीत – संगीत दिया है।

सवाल : आप सिर्फ भोजपुरी भाषा के लिए काम करते हैं?

मुन्ना दुबे : मैंने हिंदी में भी काफी काम किया है। उसके बाद गुजराती और नेपाली में भी काम किया। बांग्ला में भी काम किया। भोजपुरी में सबसे ज्यादा काम किया है।

सवाल : बॉलीवुड में किसके साथ काम करना चाहेंगे?

मुन्ना दुबे : मुझे ए आर रहमान के साथ काम करना है। उनका यूनिक थॉट्स हैं, जो बेहद अच्छे लगते हैं। तुझ सा आशिक़ी असि त्रिपाठी और इल्तजा अल्तमश के साथ किया। इससे पहले भी कई हिंदी के अल्बम किये।

सवाल : भोजपुरी के सिंगरों के लिए कोई संदेश ?

मुन्ना : भोजपुरी से वल्गरिटी को दूर करिये। साफ सुथरे समाज गाने समाज को दीजिये। हम भी इस दिशा में काम कर रहे हैं।

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