आज जो श्याम देहाती भैया के साथ हुआ वो दिल दहला देने वाला घटना है , और इसका ज़िम्मेदार सरकार और सरकार का सिस्टम है।

श्याम देहाती से मिलने पहुंचे विक्की यादक और टीम


इतने बड़े बड़े लोग का कॉल जाने के बाद भी हॉस्पिटल में बेड नहीं मिल पाया। मुझे जैसे पता चला कि मेडिकल Collage में हॉस्पिटल के बहार एम्बुलेंस में श्याम देहाती जी है, और बेड न होने के वजह से हॉस्पिटल के अंदर नहीं लिया जा रहा है , मैं वहाँ पे गया तो हॉस्पिटल Deaprtment का कोई बात करने के लिए रेडी नहीं हो रहा था। जब मेरा सब्र का बांध टुटा तो मैंने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और तोड़ फोड़ करने की धमकी दी तो एक कम्पाउंडर एम्बुलेंस में आकर श्याम देहाती जी को मृत घोषित कर दिया, जबकि २ घंटे से हॉस्पिटल के बहार एम्बुलेंस था और जिस समय हॉस्पिटल पहुंचे थे उस समय वो ज़िंदा थे। सरकार अपनी रैली करने में व्यस्त है जनता को कुछ भी हो सरकार को कोई मतलब नहीं है। सरकार से मैं ये पूछना चाहता हूँ की क्या २ साल बाद चुनाव नहीं हो सकता , क्या एक्स्ट्रा बेड की व्यवस्था नहीं की जानी चाहिए। गोरखपुर सांसद रवि किशन जी से पूछना चाहता हूँ कि आपके रहते श्याम जी हॉस्पिटल के बाहर दम तोड़ दिए तो आपको सांसद होने से भोजपुरी इंडस्ट्री को क्या फायदा है ? गौर करने कि बात है कि जबसे कोरोना आया है तब से दूसरे किसी बीमारी से मौत नहीं हो रही सिर्फ कोरोना से ही क्यूँ? इस सरकार में इतना ज्यादा धांधली हो गया है कि कोई भी बीमारी हो कोरोना का नाम दे दिया जा रहा है। कोरोना वैक्सीन के नाम पर धांधली कि जा रही है अगर कोरोना का वैक्सीन आ गया है तो लोग की मौत क्यूँ हो रही है ? अभी देश भाजपा का गुलाम बन कर रह गया है। कोई भी विपक्ष आवाज उठा रहा है तो उसकी आवाज दबा दी जा रही है , इनकम टैक्स का छापा मार कर या अलग तरीके का धमकी दे कर। अभी भी वक्त है लोगो को सड़क पे उतरना पड़ेगा अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए। अभी भी बहुत कुछ लिखना है मुझे जो कल लिखूंगा by – Vicky Yadav

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