कोविड 19 पेंडमिक के फर्स्ट फेज के बाद से भोजपुरी अभिनेता कृष्ण कुमार की व्यस्तता काफी बढ़ गयी है। वे लगातार एक के बाद एक फिल्में कर रहे हैं, लेकिन फिर भी उनकी फिल्में खत्म नहीं हो रही। हालात ये है कि डेट्स की वजह कई फिल्में उन्हें छोड़नी भी पड़ रही है। आखिर ऐसी क्या वजह है, ये हम आगे आपको बताएंगे। मगर उससे पहले ये बता दें कि कृष्ण कुमार इन दिनों एक म्यूजिकल फ़िल्म ‘गीत’ की शूटिंग में नवाबों के शहर लखनऊ में व्यस्त हैं। इस फ़िल्म में उनके साथ सुर संग्राम के विनर आलोक कुमार भी नज़र आएंगे। यह बेहद साफ सुथरी फ़िल्म है, जो नाम से भी पता चलता है। फ़िल्म दो सिंगरों की कहानी पर बेस्ड है।

अपनी व्यस्तता के बीच बतौर नायक कृष्ण कुमार नवाबों के शहर लखनऊ में कर रहे फ़िल्म ‘गीत’ की शूटिंग

मालूम हो कि कृष्ण कुमार भोजपुरी सिनेमा के वर्सटाइल एक्टर हैं। वे अपने काम को पूरी मेहनत और लगन से करते हैं, इस वजह से निर्माता – निर्देशकों के बीच वे खूब पसंद किए जाते हैं। कृष्ण कुमार के लिए कहानी और उनका किरदार मायने रखता है, जिसके बाद वे फ़िल्म में अपना हंड्रेड परसेंट देते हैं। उन्होंने इंडस्ट्री में ये मकाम अपने मेहनत और ईमानदारी से बनाया है, जिस वजह से आज उनके पास फिल्मों की लंबी लाइन कोरोना काल के बाद से लगी हुई है।

कोरोना काल के बाद कृष्ण कुमार की पहली फ़िल्म पारो थी, जिसके बाद उनके पास बैक टू बैक कई फिल्मों की लाइन सी लग गयी। तो कई इस वक़्त में रिलीन भी हुए। पारो के बाद भोजपुरिया बलमा, प्यार के देवता, भोजपुरिया में दम बा, हम यार हैं तुम्हारे, बबुआ भईल रंगबाज और यारी के बाद बाद गीत कर रहे हैं। उनकी आने वाली फिल्में खेसारीलाल यादव के साथ बापजी, अक्षरा रितेश के साथ डोली, पहला पहला प्यार, कंवारा दूल्हा, दगाबाज आदि हैं।

अपनी व्यस्तता के बीच बतौर नायक कृष्ण कुमार नवाबों के शहर लखनऊ में कर रहे फ़िल्म 'गीत' की शूटिंग

कृष्ण कुमार की इस व्यस्तता में एक खास बात और है कि वे इंडस्ट्री के एक सफल डिस्ट्रीब्यूटर भी हैं। उनकी कंपनी मयूरी पायल एंटरटेनमेंट यूपी और दिल्ली में लगातार कई फिल्मों को रिलीज भी कर रही है। उन्होंने इस क्षेत्र में भी एक रिकॉर्ड बना दिया है कि उनकी कंपनी लगातार हर हफ्ते सिनेमा में फिल्में लगा रही है, जो आज तक यूपी बिहार पंजाब में कोई नहीं कर पाया है। अभिनय की व्यस्तता के बीच डिस्ट्रीब्यूशन के प्रेशर को भी बैलेंस करना आसान नहीं होता, मगर ये काम कृष्ण कुमार बखूबी कर रहे हैं और आज लोगों के बीच एक उदाहरण पेश कर रहे हैं। तभी आज न उनके पास काम की कमी है और न उनके चाहने वालों की।

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