क्या आपको पता है की बिहार-झारखडं में बनते है, देश के सबसे अच्छे इंजीनियर्स? आज हम वैसे ही बिहार एक सफल इंजीनियर के बारे में जानेंगे ।

Posted by Team BiharBeckon on
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आपको बता दे की आज देश के पहले इंजीनियर भारत रत्न सर म. विश्वेसरैया का जन्मदिन है, इनके जन्मदिन को भारत में इंजीनियर'स डे के रूप में मनाया जाता है । कर्नाटक के चिक्कबल्लापुरा जिले में जन्मे विश्वेसरैया का बिहार से बहुत ही गहरा नाता रहा, 1957 बने गंगा नदी पर बने  मोकमा ब्रिज में इनकी मुभीमका अहम् रही है । बिहार में जब अंग्रेज एक बार गंगा पे पटना से हाजीपुर के बिच पूल बनाने की तैयारी कोसिस में थे ,उस समय भी विश्वेसरैया पटना आये और करी चिलचिलती धुप में पैदल ही 10 किलोमीटर की दूरी तय कर पूरे नदी का जायजा करने लगे थे । इनके नाम से पटना में एक सरकारी भवन भी है, जिसमें ग्रामीण विकास मंत्रालय, बिहार सरकार का दफ्तर है । विश्वेसरैया अपने कामों में बेहतरीन गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध हुए, उन के दवारा बनाया गया डेम, पूल अज्ज भी इस बात की गबाही दे रही है ।

विश्वेसरैया के इस खासियत को, बिहार के इंजीनियर्स आज भी बरकार किये हुए है, कईयों को ये बात चौंका भी सकती है, मगर एस्पिरिंग माइंड के नेशनल एम्प्लॉयब्लिटी रिपोर्ट के अनुसार उसके पिछले दो रिपोर्ट (2014 एंड 2016) में   बिहार-झारखण्ड के कॉलेजो से निकलने वाले इंजीनियर्स पुरे देश में सबसे ज्यादा नौकरी पाने में सफल है । इसके बाद दिल्ली, केरल और हरयाणा की गिनती आता है ।

इसी कड़ी में आज आपको बता दे कि बिहार में जन्मे और  बी. आई. टी, सिंदरी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र रहे  कृष्ण पाल सिंह को  अमेरिका समेत 16 अन्य देशों  में सर्वश्रेठ इंजीनियरिंग अवार्ड मिला है। कृष्ण पाल सिंह नुक्लेअर टरबाइन बनाने वाली विश्व की सबसे बड़ी कमपनी होलटेक इंटरनेशनल  के संस्थापक एवं हेड है। कृष्णा पाल सिंह के. पि.  फाउंडेशन के मालिक भी है , जो बिहार में  5000  डिलक्स शौचालय का निर्माण करा  रही है।

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