August 14, 2020

क्योकि सच कड़वा होता है..

9 साल बाद जिहादियों के चंगुल से मुक्त हुआ पद्भनाभम मंदिर. जाने रहस्य्मयी तहखाने के बारे मे

खुशी मिली इतनी जो दिल में न समाये👇👇

केरल के सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक मंदिर श्री पद्मनाभस्वामी के प्रबंधन और अधिकार मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सोमवार को श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के प्रशासन में त्रावणकोर शाही परिवार के अधिकारों को बरकरार रखने का आदेश सुनाया है।साथ ही कहा कि शासक की मृत्यु के बावजूद पद्मनाभस्वामी मंदिर में त्रावणकोर परिवार का अधिकार जारी रहेगा। बता दें कि 31 जनवरी 2011 को केरल हाई कोर्ट ने इस मामले को लेकर आदेश दिया था, जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

#केरल के #श्री_पद्मनाभ_स्वामी मंदिर प्रशासन में शाही परिवार के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैंसला आने के बाद त्रावणकोर के राजकुमार #आदित्य_वर्मा_थाम्पुरन ने खुशी से अपनी मां को गले लगा लिया मां की आंखें खुशी से भर आईं🤗

वामपंथियों के चंगुल से मुक्त हुआ पद्मनाभन मंदिर..

सुप्रीम कोर्ट ने वामपंथी सरकार के नियंत्रण से, देश के सबसे धनिक मंदिर पद्मनाभन को सरकार के चंगुल से छुड़ाकर शाही परिवार को सौंपा..

वामपंथी सरकार इस मंदिर की अटूट संपत्ति को अपने शांतिदूत वोटरों पर खर्च करती थी

म्लेक्षों के चुंगल से मुक्त हुआ पद्मनाभस्वामी।

दो लाख करोड़ की संपत्ति और महान विरासत वाला
पद्मनाभस्वामी मंदिर की देखभाल करेगा
त्रावणकोर रॉयल परिवार ही करेगा , गवर्मेन्ट के पास अब इसका स्वामित्व नही रहेगा ।

नीचे जो तस्वीर है वो बहोत कुछ कह जाती है , त्रावणकोर के युवराज आदित्य वर्मा ने जब ये समाचार अपनी माँ श्री गौरी लक्ष्मी को सुनाई तो दोनों रो पड़े, ये आरम्भ है मंदिरों पर सरकार के स्वामित्व के हटने का ।।

 

 

इस केस को सुब्रमण्यम ने लड़ा और पद्मनाभस्वामी मंदिर को म्लेक्षों से मुक्त कराया ।

कोर्ट ने राजपरिवार के सेवादार के हक को तो बरकरार रखा है लेकिन देवता की पूजा के तरीके से लेकर, मंदिर की सम्पत्तियों के रखरखाव, श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे तमाम काम का अधिकार कोर्ट ने 5 सदस्यीय प्रशासनिक कमेटी और 3 सदस्य एडवाइजरी कमेटी को सौंप दिया है.

 

अभी तक किसी ‘अनिष्ठ ‘ की आशंका से बंद रहा मन्दिर का तहखाना ( रहस्मयी वाल्ट बी ) भी खोला जाएगा या नहीं, ये फैसला भी कोर्ट ने इन्हीं दोनों कमेटियों के विशेषाधिकार पर छोड़ दिया है.

इससे पहले 5 वॉल्ट कोर्ट के निर्देश पर खोले गए थे, जिनमे करीब 1 लाख करोड़ की संपत्ति बरामद हुई थी. लेकिन वाल्ट बी खोलने को लेकर भक्तों, राजपरिवार के ऐतराज के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने वाल्ट बी के खुलने पर अगले आदेश आने तक रोक लगा दी थी.

अब मंदिर प्रबंधन समिति के सभी सदस्य हिन्दु ही होंगें…

यों मंदिरों से सरकारों और जेहादी गैंगों के चुंगलों से मुक्त कराने की लड़ाई लंबी है , पर ये ऐतिहासिक विजय है।

देश के सभी मंदिरों से सरकार नियंत्रण समाप्त होना चाहिए।

#जय_पद्मनाभस्वामी🙏🙏💐💐
।। जय श्रीराम ।।