August 14, 2020

क्योकि सच कड़वा होता है..

आखिर क्या वजह थी अचानक लेह पहुंच गए पीएम मोदी

लेह। भारत-चीन के बीच गलवान घाटी में जारी तनातनी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अचानक लद्दाख पहुंचे। यहां उन्होंने सैनिकों से मुलाकात की। माना जा रहा है कि पीएम ने ड्रैगन को सख्त संदेश दे दिया है कि हिन्दुस्तान उसे उसी की भाषा में जवाब देने के लिए तैयार है।

गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल विपिन रावत और थलसेना अध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे के साथ अचानक लेह पहुंच गए। चीन की आक्रामक पीपल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के खिलाफ सीमा पर भारत की तैयारियों का जायजा लेने के साथ ही पीएम मोदी ने भारत के जोशीले सैनिकों का हौसला आसमान से भी ऊंचा कर दिया है।

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सूत्रों के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी के लद्दाख सेक्टर जाने का फैसला गुरुवार शाम को फाइनल किया गया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने इसके लिए सीडीएस बिपिन रावत से चर्चा की थी। पीएम मोदी, अजित डोभाल और तब सेना अध्यक्ष रहे बिपिन रावत ने एक साथ 2017 में डोकलाम तनातनी के दौरान भी चीन का आक्रामकता का सामना किया था और चीन को पीछे हटने पर मजबूर किया था।

सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी को लेह में नॉर्दन आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी और 14 कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने निमू आर्मी हेडक्वॉर्टर में हालात की पूरी जानकारी दी। पीएम ने निमू में जवानों के साथ मुलाकात की। यह लेह का फॉर्वर्ड इलाका है। करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर पीएम मोदी का इस तरह आकर जवानों से मिलना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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पीएम मोदी और सेना के सर्वोच्च अधिकारियों का यहां पहुंचना, पूर्वी लद्दाख में तैनात भारतीय सैनिकों के हौसले को बहुत अधिक बढ़ाने वाला कदम है। पीएम का लेह जाना चीन को साफ और दो टूक संदेश है। ड्रैगन को यह बता दिया गया है कि भारत इस तनातनी और उनकी नापाक हरकतों को किस तरह गंभीरता से ले रहा है।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले भी ऐसे चौंकाने वाले दौरे करते रहे हैं। दो बार वे एलओसी पर पहुंचकर सैनिकों के साथ दिवाली मना चुके हैं। उनका सबसे पहला चौंकाने वाला दौरा 2015 में पाकिस्तान का हुआ था। तब अफगानिस्तान दौरे से लौटते समय उन्होंने अपना विमान पाकिस्तान में उतरवा लिया था और नवाज शरीफ के घर शादी में पहुंच गए थे। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से अब तक 6 साल में उन्होंने ऐसी 9 सरप्राइज विजिट की हैं।