Up Board 134 के स्कूल ऐसे है जहा 10वी और 12वी सभी छात्र-छात्राए हुए फेल

लखनऊ। यूपी बोर्ड के इंटर और हाईस्कूल के नतीजे घोषित हो गए हैं। यूपी के 134 स्कूल ऐसे हैं जहां के सभी बच्चे फेल हो गए हैं। इनमें हाईस्कूल के 87 और इंटर के 47 स्कूल शामिल हैं। पिछले तीन सालों की तुलना में इस बार शून्य रिजल्ट देने वाले स्कूलों की संख्या में कमी हुई है। 2019 में 165, 2018 में 150 और 2017 में 183 स्कूलों का एक भी छात्र परीक्षा पास नहीं कर सका था।

इन आंकड़ों से सरकारी और सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों की बदहाली भी सामने आई है। शून्य रिजल्ट देने वाले 134 स्कूलों में से कई राजकीय और एडेड स्कूल हैं। दु:खद पक्ष यह है कि कई स्कूलों में बच्चों की संख्या 10 से भी कम है।

ऐसे में साफ है कि इन स्कूलों के प्रति आम लोगों में रुझान नहीं है।

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बोर्ड मुख्यालय में ही कई स्कूलों का परिणाम शून्य

जिस जिले में यूपी बोर्ड का मुख्यालय है उसके स्कूलों का परिणाम ही बहुत उत्साहजनक नहीं रहा है। हाईस्कूल में तीन स्कूल ऐसे हैं जिनका एक भी छात्र पास नहीं हुआ। रामसेवक इंटर कॉलेज मेजा, राजपति यादव हायर सेकेंडरी स्कूल और एलपी सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करछना का परिणाम शून्य है। इंटर में चार स्कूलों का रिजल्ट जीरो है। एएम गर्ल्स इंटर कॉलेज निहालपुर करेली, टीएसएस गर्ल्स इंटर कॉलेज अल्लापुर, कस्तूरबा ब्यॉयज हायर सेकेंडरी इंटर कॉलेज भगवतपुर और श्री आरएपी इंटर कॉलेज जगदीशपुर का रिजल्ट जीरो है।

हाईस्कूल में 83.31 और इंटरमीडिएट में 74.63 फीसदी पास

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में बड़ौत-बागपत के श्री राम एसएम इंटर कॉलेज इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने टॉप किया है। हाईस्कूल में रिया जैन ने 96.67 फीसदी और इंटरमीडिएट में अनुराग मलिक ने 97 फीसदी नंबरों के साथ टॉप किया है। इस बार हाईस्कूल में 83.31 फीसदी और इंटरमीडिएट में 74.63 फीसदी विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। पिछली साल से इस बार रिजल्ट 3.24 फीसदी ज्यादा रहा। हाईस्कूूल व इंटरमीडिएट दोनों परीक्षाओं में लड़िकयां इस बार भी लड़कों से आगे रही हैं।

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