आज तक की श्वेता सिंह ने सेना की अपमान किए घर तक आई ऐसी मुसीबत

इंडिया टुडे समूह के समाचार चैनल ‘आज तक’ की न्यूज एंकर श्वेता सिंह सेना पर अपमानजनक टिप्पणी कर मुसीबत के बीच घिर गई हैं। श्वेता को दिल्ली के दीवान एडवोकेट्स नाम के एक लीगल संस्थान के दो वकीलों चंगेज कान और नरेंद्र सिंह की ओर से लीगल नोटिस भेजा है।

इस कानूनी नोटिस में कहा गया है कि आपके टेलीविजन चैनल के माध्यम से भारत के सशस्त्र बलों की वीरता शौर्य को लेकर जानबूझकर और स्वेच्छा से गलत और भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है जो हमारे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।

दीवान एडवोकेट्स ने अपने कानूनी नोटिस में लिखा कि हमारा क्लाइंट दिल्ली बार काउंसिल के साथ एक नामांकित प्रैक्टिसिंग वकील है।

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इसके अलावा हमारा क्लाइंट भारत का नागरिक है और हमारे देश के सशस्त्र बलों के लिए बहुत सम्मान और विश्वास रखता है और किसी भी देश से किसी भी संभावित बाधा से निपटने के लिए उनकी क्षमता में विश्वास करता है।

नोटिस में कहा गया है कि आप एक पत्रकार होने का दावा करते हैं और उस समाचार चैनल पर कुछ टेलीविजन शो की मेजबानी करते हैं जिसने भारत के सशस्त्र बलों पर बहुत ही निंदनीय टिप्पणियां की हैं। यहां यह नोट करना उचित है कि उस समय जब पूरा देश हमारे सबसे बहादुर सैनिकों की शहादत का सोक मना रहा था जिन्होने हमारी मातृभूमि भारत की सीमाओं की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान रास्ता चुना था।

नोटिस के मुताबिक, आपकी मिलीभगत से हमारे सशस्त्र बलों की प्रतिष्ठा खराब करने के उद्देश्य के साथ शो में भाग लेते हुए टिप्पणी की गई थी कि ‘ये सवाल उठाना कि चीनी सेना हमारी जमीन पर आ गई और हम सोते रहे, ये सरकार पर नहीं सेना पर ही सवाल होता है क्यों पेट्रोलिंग की ड्यूटी सरकार की नहीं होती है सेना की होती है।’

‘आपके चैनल पर लाइव टेलीकास्ट था और बाद में भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और शौर्य की सरासर अवमानना के लिए विभिन्न अन्य सोशल प्लेटफार्मों पर साझा किया गया था। यह उल्लेख करना जरूरी है कि आपके स्वामित्व वाले चैनल पर उक्त टीवी शो के माध्यम से जानबूझकर प्रसारित किया गया और ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर झूठी और भ्रामक जानकारी प्रसारित की गई जो हर भारतीय नागरिक को प्रभावित करता है। आपके द्वारा बिना किसी आधार और विश्वसनीय जानकारी के दावा किया गया।’

27 जून (संयुक्त राष्ट्रसंघ सुरक्षा परिषद् का प्रस्ताव 1950 में अपनाया गया।)

लीगल संस्थान दीवान एडवोकेट्स की ओर से भेजे गए इस नोटिस में आगे कहा गया, ‘यह स्पष्ट है कि आप पत्रकारिता की आड़ में गलत सूचनाएं फैला रहे हैं जो कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 (2) के तहत स्वीकार्य नहीं है।’ बता दें कि हाल ही में पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में भारतीय सेना और चीन की सेना के बीच खूनी संघर्ष हुआ जिसमें भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे।

इस दौरान समाचार चैनल आजतक पर इसको लेकर कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान श्वेता सिंह अपना पक्ष रखते हुए दिखाई देती हैं, ‘ये सवाल उठाना कि चीनी सेना हमारी जमीन पर आ गई और हम सोते रहे, ये सरकार पर नहीं सेना पर ही सवाल होता है क्यों पेट्रोलिंग की ड्यूटी सरकार की नहीं होती है सेना की होती है।’ इसके बाद श्वेता सिंह का यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुआ और उनकी जमकर आलोचना की गई थी।

हालांकि चौतरफा आलोचनाओं के बीच घिरने के बाद खुद का बचाव करते हुए श्वेता सिंह ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कांग्रेस नेता श्रीनिवास के जवाब में लिखा था, पूरा वीडियो लगाने से डर गए? ‘अगर एक राजनीतिक पार्टी पेट्रोलिंग पर आरोप लगाती है तो आक्षेप सेना पर होता है’ पूरी पार्टी ट्रोल में लगा दो, फर्क नहीं पड़ता। मुझे ये कहने में डर नहीं लगता कि सेना को राजनीति में घसीटना गलत है।’

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