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आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान (Pakistan) को फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने बुधवार को बड़ा झटका दिया है. FATF ने यह फैसला लिया है कि पाकिस्तान को फिलहाल ग्रे लिस्ट (Grey List) में ही रखा जाएगा क्योंकि वो लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों की फंडिंग पर नकेल नहीं कस पाया है.

बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए FATF की मीटिंग हुई. इसमें इस बात का फैसला किया जाना था कि पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखा जाएगा या ब्लैक लिस्ट में डाला जाएगा.

ब्लैक लिस्ट में डाले जाने का था खतरा

FATF ने आतंकवाद को वित्तीय पोषण रोकने और मनी-लॉन्डरिंग के खिलाफ कदम उठाने को लेकर 27 बिंदुओं का एक्शन प्लान बनाया था.

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इसका पालन नहीं किए जाने पर उसे ब्लैक लिस्ट में डाले जाने की भी आशंका थी.

FATF का पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में ही रखने का यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिका ने अपनी रिपोर्ट में पाकिस्तान को भारत, अफगानिस्तान और श्रीलंका में आतंकी हमले करने वाले संगठनों के पलने की जगह बताया है.

PAK टेरर फंडिंग पर नहीं लगा रहा रोक

पाकिस्तान इन दिनों दुनिया के सामने अपनी छवि को सुधारने की कोशिश में लगा हुआ है. लेकिन बैठक में FATF का मानना था कि पाकिस्तान ने आतंकी संगठनों की टेरर फंडिंग पर रोक लगाने के लिए कोई खास कदम नहीं उठाया है.

मालूम हो कि पिछले साल अक्टूबर के बाद से पाकिस्तान को दो बार यह एक्सटेंशन दिया जा चुका है. इस बार FATF की ओर से कोरोनावायरस महामारी का हवाला दिया गया.

FATF ने उन सभी देशों को ग्रे लिस्ट में ही रखने का फैसला किया जो पहले से इसमें शामिल थे. वहीं, जिन देशों को ब्लैक लिस्ट में रखा गया था, वो भी उसी में ही रहेंगे.

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